रविवार, 2 दिसंबर 2012

चिदंबरम पीएम उम्मीदवार

नई दिल्ली/लंदन। भारत में अगले लोकसभा चुनाव में अभी डेढ़ साल बाकी हैं, लेकिन सरकार और विपक्ष में प्रधानमंत्री के पद को लेकर चर्चाएं तेज है। लंदन की पत्रिका इकोनॉमिस्ट के मुताबिक, अगर अगला लोकसभा चुनाव आर्थिक मुद्दों के आधार पर लड़ा जाता है तो कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी के संभावित उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के मुकाबले में वित्त मंत्री पी चिदंबरम को पीएम पद का उम्मीदवार बना सकती है। पत्रिका का तर्क है कि चिदंबरम को अर्थव्यवस्था की अच्छी जानकारी है। साथ ही वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के विश्वास पात्र हैं। पत्रिका के मुताबिक, पिछले दिनों सरकार को तमाम मुसीबतों से निकालने में चिदंबरम की बड़ी भूमिका रही है। पत्रिका के मुताबिक जब से चिदंबरम पिछले साल अगस्त में वित्त मंत्रालय में लौटे हैं तब से उनकी किस्मत चमक गई है। पत्रिका ने दो बड़े राजनैतिक घटनाक्रम का हवाला दिया है। पहला जब ममता बनर्जी ने एफडीआई के मुद्दे पर समर्थन वापस लिया। तब चिदंबरम ने एफडीआई के फायदों को बाकी पार्टियों को बताया और डीएमके जैसे नाराज सहयोगी को मनाने में कामयाब रहे। दूसरा पिछले महीने 27 नवंबर को वित्त मंत्री ने कैश सब्सिडी योजना का ऐलान किया। जानकारों का मानना है कि कैश सब्सिडी योजना 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए तुरूप का पत्ता साबित हो सकती है। हालांकि ये योजना भाजपा सरकार की सोच थी, लेकिन चिदंबरम ने इसे लागू किया। पत्रिका का ये भी मानना है कि पिछले दिनों चिदंबरम ने जिस तरह आधार कार्ड का समर्थन किया और वो भी उनके हक में जाता है। अल्वी का टिप्पणी से इनकार नई दिल्ली। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि वह इस मामले में टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह बस इतना ही कहेंगे कि प्रधानमंत्री कांग्रेस पार्टी ही तय करेगी, कोई दूसरी पार्टी तय नहीं करेगी। कांग्रेस पार्टी 2014 के चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। 2014 में सरकारी बनेगी और जो नए सांसद चुन कर आएंगे उनके फैसले से देश का प्रधानमंत्री पार्टी हाईकमान तय करेंगी। जबकि कांग्रेस नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने इन खबरों का खंडन किया है।

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