शुक्रवार, 7 दिसंबर 2012
मान ने पेश की इंसानियत की मिशाल
फरीदाबाद। शादी का सामान आग लगने से जलने के बाद जरूरतमंद परिवार को पीएफए के वाईस चेयरमैन मनधीर सिंह मान ने तयशुदा तारीख में शादी कराकर इंसानियत की जिंदा मिशाल पेश की है। पीडि़त परिवार ने मान का धन्यवाद करते हुए अपनी बेटी को ख्ुाशी खुशी ससुराल के लिए विदा किया। गौरतलब है कि सैक्टर तीन स्थित झुग्गियों में गैस के सिलेंडर की सप्लाई का काम कर अपने परिवार का पेट पालने वाला भगवान दास रहता था। गत 15 नवम्बर को अचानक दिन के समय उस समय आग लग गई जब वे सभी अपने कामों पर गए हुए थे। जैसे ही उन्हें पता चला तो वे अपनी झुगगी की तरफ दौड़े और आग पर काबू पाने की कोशिश की जिसमें भगवान दास के हाथ भी जल गए। भगवान की बेटी की शादी 5 दिसंबर को होनी तय हुइ थी जिसके लिए उसने अपनी मेहनत की कमाई से बेटी की शादी के लिए दहेज का सामान व 30 हजार रूपये की नगदी भी रखी थी लेकिन आग लगने के कारण सब कुछ बर्बाद हो गया। भगवान दास ने अपनी बेटी सीमा की शादी के लिए इधर उधर से उधार भी लेने की कोशिश की लेकिन कहीं मदद नहीं मिली। अंत में वह अपने परिवार के साथ पीएफए के वाईस चैयरमैन मनधीर सिंह मान के पास पहुंचा और अपनी व्यथा सुनाई जिस पर मान तुरंत उसकी बेटी सीमा की शादी सारा खर्चा व जरूरत का सामान की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी लेते हुए उनकी शादी सम्पन्न कराई। भगवान दास ने बताया कि मान ने उनके साथ जो सहयोग किया है वह किसी महापुरूष से कम नहीं है वे उनका तहेदिल से धन्यवाद करते हैं। वहीं इस मौके पर मनधीर मान ने नवविवाहित जोड़े को आर्र्शीवाद देते हुए कहा कि मनुष्य अपनी जिंदगी में किसी भी गरीब व असहाय की मदद करने से पीछे नहीं हटना चाहिए क्योंकि नर सेवा ही नारायण सेवा है आदमी किसी के सुख में भले ही शामिल ना हो लेकिन किसी के दुख में शामिल होकर उसके दुख को बांटने का प्रयास करे तो वह सबसे बड़ा पुण्य का काम है।
रविवार, 2 दिसंबर 2012
चिदंबरम पीएम उम्मीदवार
नई दिल्ली/लंदन। भारत में अगले लोकसभा चुनाव में अभी डेढ़ साल बाकी हैं, लेकिन सरकार और विपक्ष में प्रधानमंत्री के पद को लेकर चर्चाएं तेज है। लंदन की पत्रिका इकोनॉमिस्ट के मुताबिक, अगर अगला लोकसभा चुनाव आर्थिक मुद्दों के आधार पर लड़ा जाता है तो कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी के संभावित उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के मुकाबले में वित्त मंत्री पी चिदंबरम को पीएम पद का उम्मीदवार बना सकती है। पत्रिका का तर्क है कि चिदंबरम को अर्थव्यवस्था की अच्छी जानकारी है। साथ ही वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के विश्वास पात्र हैं। पत्रिका के मुताबिक, पिछले दिनों सरकार को तमाम मुसीबतों से निकालने में चिदंबरम की बड़ी भूमिका रही है। पत्रिका के मुताबिक जब से चिदंबरम पिछले साल अगस्त में वित्त मंत्रालय में लौटे हैं तब से उनकी किस्मत चमक गई है। पत्रिका ने दो बड़े राजनैतिक घटनाक्रम का हवाला दिया है। पहला जब ममता बनर्जी ने एफडीआई के मुद्दे पर समर्थन वापस लिया। तब चिदंबरम ने एफडीआई के फायदों को बाकी पार्टियों को बताया और डीएमके जैसे नाराज सहयोगी को मनाने में कामयाब रहे। दूसरा पिछले महीने 27 नवंबर को वित्त मंत्री ने कैश सब्सिडी योजना का ऐलान किया। जानकारों का मानना है कि कैश सब्सिडी योजना 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए तुरूप का पत्ता साबित हो सकती है। हालांकि ये योजना भाजपा सरकार की सोच थी, लेकिन चिदंबरम ने इसे लागू किया। पत्रिका का ये भी मानना है कि पिछले दिनों चिदंबरम ने जिस तरह आधार कार्ड का समर्थन किया और वो भी उनके हक में जाता है।
अल्वी का टिप्पणी से इनकार
नई दिल्ली। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि वह इस मामले में टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह बस इतना ही कहेंगे कि प्रधानमंत्री कांग्रेस पार्टी ही तय करेगी, कोई दूसरी पार्टी तय नहीं करेगी। कांग्रेस पार्टी 2014 के चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। 2014 में सरकारी बनेगी और जो नए सांसद चुन कर आएंगे उनके फैसले से देश का प्रधानमंत्री पार्टी हाईकमान तय करेंगी। जबकि कांग्रेस नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने इन खबरों का खंडन किया है।
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