आखिरकार उच्चतम न्यायालय के सब्र का बाँध टूट ही गया जब उसने न्यूज़ चैनलों से पार्को के निर्माण की ख़बर सुनी और उसने माया सरकार को छः घंटे में निर्माण कार्य को बंद करवाने का फरमान सुनाया । उच्चतम न्यायालय के वकील के शब्दों में "नयायालय इसे अपनी अवमानना मान कर उत्तर प्रदेश सरकार को सजा भी सुना सकती है । सर्वप्रथम माया सरकार को पार्को के निर्माण को रोकना होगा और उसके पास सिर्फ़ छः घंटे है इसी छः घंटे में उसे निर्माण कार्य को पुरी तरह से बंद करना होगा और निर्माण से सबंधित सभी वस्तुओ को भी पूरी तरह से हटाना होगा "।
इस फैसले के बाद माया सरकार विपछिपार्टियों से घिरती जा रही है । समाजवादी पार्टी के जन में जान आ गई है और वह सरकार को विधानसभा में घेरने की तयारी कर रही है । वही कांग्रेस पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई की प्रमुख रीता बहुगुणा ने पताकारो से बातचीत के दौरान कहा की सरकार को लज्जा आनी चाहिय और उसे इस्तीफा दे देना चाहिय क्योकि सरकार विश्वास खो चुकी है .बीजेपी ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है और साथ ही कांग्रेस को भी लगे हाथ नसीहत दे डाला की भारत में स्मारक बनवाने का काम कांग्रेस ने शुरू करवाई और वही दुसरे को नसीहत दे रही है । अगर कांग्रेस इस परम्परा को नही चलती तो मायावती की भी हिम्मत नही होती की वह जनता के पैसो को पत्थरों में बर्बाद करती .
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें